MDR क्या है? Merchant Discount Rate की पूरी जानकारी

अंतिम अपडेट: सितंबर 2026

⚠️ यह पेज केवल जानकारी के लिए है। वित्तीय या कानूनी सलाह के लिए अपने बैंक या CA से संपर्क करें।
एक पंक्ति में: MDR = Merchant Discount Rate = वह शुल्क जो दुकानदार का बैंक UPI/कार्ड पेमेंट प्रोसेस करने के लिए काटता है। ग्राहक से कुछ नहीं लिया जाता।

MDR का मतलब क्या है?

MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है। हिंदी में इसे "व्यापारी छूट दर" या "व्यापारी कटौती शुल्क" कहा जा सकता है।

जब एक ग्राहक किसी दुकानदार को UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, या नेट बैंकिंग से पैसे देता है, तो पूरी राशि दुकानदार के खाते में नहीं जाती। बैंक उसमें से एक छोटा प्रतिशत काट लेता है — यही MDR है।

MDR का उदाहरण

मान लीजिए एक ग्राहक आपकी दुकान पर ₹10,000 का सामान खरीदता है और UPI से भुगतान करता है (15 अक्टूबर 2026 के बाद):

  • ग्राहक ने भेजा: ₹10,000
  • MDR (0.4%): ₹40
  • MDR पर GST (यदि बैंक चार्ज करता है, 18%): ₹7.20
  • कुल कटौती (यदि GST लागू हो): ₹47.20
  • आपके खाते में आया: ₹9,952.80

ग्राहक के खाते से पूरे ₹10,000 कटे। MDR का बोझ केवल आप पर पड़ा।

MDR किसे देना पड़ता है?

MDR केवल दुकानदार (Merchant) को देना होता है। ग्राहक (Customer) को नहीं।

बैंकों को सलाह दी गई है कि दुकानदार MDR का बोझ ग्राहक पर सरचार्ज के रूप में न डालें।

MDR और Tax में फर्क

MDRTax (कर)
बैंकों / NPCI को जाता हैसरकार को जाता है
भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्चसरकारी सेवाओं का खर्च
दुकानदार देता हैव्यापार या उपभोक्ता देता है
RBI / NPCI द्वारा नियंत्रितसंसद / वित्त मंत्रालय द्वारा

UPI MDR से पहले क्या था?

जनवरी 2020 से 14 अक्टूबर 2026 तक UPI P2M और RuPay डेबिट कार्ड पर शून्य MDR था। सरकार ने PSS Act की धारा 10A के तहत यह नीति लागू की थी। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला।

अब 15 अक्टूबर 2026 से वित्त मंत्रालय की 15 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति (PIB) के अनुसार ₹2,000 से अधिक के UPI P2M लेनदेन पर 0.4% MDR लागू हो रहा है।

छोटे दुकानदारों के लिए क्या स्थिति है?

जो दुकानदार UPI QR कोड से प्रति माह ₹1 लाख तक प्राप्त करते हैं (P2PM श्रेणी), वे MDR से पूरी तरह छूट प्राप्त हैं। इसका मतलब है कि छोटी किराना दुकानें, रेहड़ी-पटरी वाले, और छोटे कारोबारी MDR से बचे रहेंगे।

📑 आधिकारिक स्रोत और संदर्भ (Official Sources)

अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026. आधिकारिक अधिसूचनाओं पर आधारित स्वतंत्र मार्गदर्शिका।

MDR से जुड़े सामान्य प्रश्न

MDR क्या है और इसका मतलब क्या होता है?
MDR का मतलब Merchant Discount Rate (व्यापारी छूट दर) होता है। यह वह सेवा शुल्क है जो एक व्यापारी (दुकानदार) अपने बैंक या पेमेंट एग्रीगेटर को ग्राहकों से डिजिटल भुगतान (UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड) स्वीकार करने और निपटाने के बदले में देता है।
MDR का फुल फॉर्म क्या होता है?
MDR का फुल फॉर्म Merchant Discount Rate है। हिंदी में इसे 'व्यापारी छूट दर' या 'व्यापारी कटौती शुल्क' कहा जाता है।
UPI में MDR शुल्क क्या होता है?
UPI में MDR वह शुल्क है जो दुकानदार के खाते में पैसे जमा करने से पहले एक्वायरिंग बैंक द्वारा काटा जाता है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के P2M लेनदेन पर 0.4% MDR (अधिकतम ₹300) काटा जाएगा। आवश्यक श्रेणियों में यह ₹5 फ्लैट और पूंजी बाजार में 0.02% है।
भारत में MDR क्या है?
भारत में MDR भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और NPCI द्वारा नियंत्रित एक डिजिटल भुगतान प्रसंस्करण शुल्क है। भारत में 2020 से UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर सरकार द्वारा 0% MDR (Zero MDR) की नीति लागू थी। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से बड़े मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4% MDR की नई रूपरेखा लागू की गई है, जबकि RuPay डेबिट कार्ड पर अभी 0% MDR है।
MDR शुल्क कौन देता है — दुकानदार या ग्राहक?
MDR शुल्क हमेशा दुकानदार (Merchant) देता है, ग्राहक नहीं। बैंक समझौते के तहत यह राशि दुकानदार की दैनिक बिक्री राशि में से स्वतः कट जाती है। बैंकों को सलाह दी गई है कि दुकानदार MDR का बोझ ग्राहक पर सरचार्ज के रूप में न डालें।
MDR शुल्क कैसे calculate किया जाता है?
MDR की गणना लेनदेन राशि के प्रतिशत के आधार पर होती है। UPI MDR पर GST की अनिवार्यता की पुष्टि नहीं है; अपने बैंक से जांच करें। यदि आपका बैंक GST लगाता है, तो यह MDR राशि का 18% होता है, पूरे लेन-देन मूल्य का नहीं। उदाहरण: ₹10,000 के UPI भुगतान पर 0.4% MDR = ₹40 होगा, और यदि 18% GST लगता है तो ₹7.20 जुड़ेगा (कुल कटौती ₹47.20, शुद्ध प्राप्ति ₹9,952.80)।
क्या UPI payments पर MDR शुल्क लगता है?
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के व्यावसायिक (P2M) UPI भुगतानों पर 0.4% MDR लगेगा। हालांकि, दोस्तों/परिवार को भेजे जाने वाले पैसे (P2P), ₹2,000 या उससे कम के सभी भुगतान, और ₹1 लाख/माह तक टर्नओवर वाले छोटे QR दुकानदार पूरी तरह MDR-मुक्त (0% शुल्क) हैं।
MDR का मतलब क्या होता है?
सरल शब्दों में, MDR का मतलब डिजिटल पेमेंट प्रोसेस करने की 'सर्विस फीस' है। जैसे चेक क्लीयरेंस या कैश हैंडलिंग का खर्च होता है, वैसे ही डिजिटल भुगतान प्रक्रिया और निपटान के लिए बैंक MDR के जरिए मर्चेंट से शुल्क लेते हैं।
MDR व्यवस्था के तहत 2026 में क्या नए नियम लागू हो रहे हैं?

वित्त मंत्रालय की 15 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति (PIB) के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से नए MDR नियम लागू होंगे:

  1. ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर 0.4% MDR (अधिकतम ₹300);
  2. ₹2,000 तक के लेनदेन पर शून्य MDR;
  3. आवश्यक सेवाओं पर फ्लैट ₹5 शुल्क;
  4. छोटे QR व्यापारियों (मासिक ₹1 लाख तक) को पूर्ण छूट;
  5. ग्राहकों के लिए UPI 100% मुफ्त;
  6. लघु व्यापारी सहायता कोष (Small Merchant Enablement Fund) के लिए 5% आवंटन।
क्या MDR कोई बीमारी है?
चिकित्सा (Medical) के संदर्भ में 'MDR' का अर्थ Multi-Drug Resistance (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस) होता है, जैसे कि MDR-TB (दवा प्रतिरोधी टीबी)। हालांकि, बैंकिंग, UPI और डिजिटल वित्त के क्षेत्र में MDR का मतलब केवल Merchant Discount Rate (व्यापारी छूट दर) होता है, जिसका स्वास्थ्य या चिकित्सा से कोई संबंध नहीं है।