UPI MDR क्या है? हिंदी में सम्पूर्ण जानकारी
अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026
MDR क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
MDR का पूरा नाम है Merchant Discount Rate। हिंदी में इसे "व्यापारी छूट दर" कह सकते हैं। जब कोई ग्राहक आपकी दुकान में UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करता है, तो आपका बैंक भुगतान की राशि में से एक छोटा सा हिस्सा काटकर आपके खाते में बाकी राशि जमा करता है। जो हिस्सा काटा जाता है, वही MDR है।
उदाहरण के लिए: यदि कोई ग्राहक आपको UPI से ₹5,000 देता है, तो 15 अक्टूबर 2026 के बाद आपके खाते में लगभग ₹4,976.40 ही आएगा:
- MDR (0.4%): ₹20
- MDR पर 18% GST: ₹3.60
- कुल कटौती: ₹23.60
- दुकानदार को मिलेगा: ₹4,976.40
MDR किसे देना होता है?
केवल दुकानदार (merchant) को MDR देना होता है — ग्राहक को नहीं। MDR आपके बैंक द्वारा स्वचालित रूप से आपके भुगतान में से काटा जाता है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय के नियमों के तहत दुकानदार इस शुल्क को ग्राहक से सरचार्ज के रूप में नहीं वसूल सकते।
UPI MDR दरें (15 अक्टूबर 2026 से लागू)
| लेनदेन का प्रकार | लागू MDR दर | नियम व सीमा |
|---|---|---|
| ₹2,000 तक का UPI भुगतान | शून्य (₹0) | सभी व्यापारियों के लिए पूरी तरह मुफ्त (Zero MDR) |
| ₹2,000 से अधिक का UPI P2M (सामान्य व्यापारी) | 0.4% | अधिकतम कैप ₹300 प्रति लेनदेन (+ 18% GST) |
| पेट्रोल पंप, किराने, बिजली-पानी, स्कूल फीस, स्वास्थ्य | ₹5 फ्लैट शुल्क | ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर रियायती दर |
| पूंजी बाजार (शेयर, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज) | 0.02% | अधिकतम कैप ₹300 प्रति लेनदेन |
| छोटे दुकानदार (QR से ₹1 लाख/माह तक) | 100% छूट | P2PM श्रेणी के तहत पूर्णतः मुफ्त |
| UPI P2P (एक व्यक्ति से दूसरे को ट्रांसफर) | हमेशा शून्य | मित्रों और परिजनों के बीच ट्रांसफर मुफ्त |
| RuPay डेबिट कार्ड | हमेशा शून्य | PSS Act धारा 10A के तहत सुरक्षित |
क्या UPI पर कोई नया "टैक्स" लग रहा है?
नहीं। MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। MDR से मिली राशि सरकार के खजाने में नहीं जाती — यह बैंकों, NPCI और UPI ऐप कंपनियों को जाती है, जो डिजिटल भुगतान की सुविधा और सर्वर नेटवर्क को सुरक्षित बनाए रखती हैं। "UPI टैक्स" कहना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। केवल MDR सेवा शुल्क पर नियमानुसार 18% GST लगता है, जिसका इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) व्यापारी ले सकते हैं।
छोटे व्यापारियों के लिए सुरक्षा चक्र
सरकार ने छोटे व्यापारियों और किराना दुकानों के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए हैं:
- ₹1 लाख मासिक छूट: जो व्यापारी QR कोड से प्रति माह ₹1 लाख तक प्राप्त करते हैं, वे पूरी तरह MDR मुक्त हैं।
- ₹2,000 सीमा: ₹2,000 तक की हर खरीदारी पर 0% MDR है, जिससे देश के लगभग 96% पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन अप्रभावित रहेंगे।
- 5% सहायता कोष: कुल MDR संग्रह का 5% हिस्सा छोटे व्यापारियों को मुफ्त साउंडबॉक्स, QR स्टैंड और तकनीक उपलब्ध कराने के लिए उपयोग होगा।
📑 आधिकारिक स्रोत और संदर्भ (Official Sources)
- वित्त मंत्रालय, पत्र सूचना कार्यालय की विज्ञप्ति (15 सितंबर 2026, PIB) ↗— UPI MDR रूपरेखा, छूट और आधिकारिक दरें
- National Payments Corporation of India (NPCI) ↗— UPI ऑपरेटिंग दिशानिर्देश व सीमाएं
अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026. आधिकारिक अधिसूचनाओं पर आधारित स्वतंत्र मार्गदर्शिका।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
UPI MDR क्या है और यह कैसे काम करता है?
UPI में MDR शुल्क क्या है?
MDR का मतलब क्या होता है?
UPI में MDR कौन देता है — दुकानदार या ग्राहक?
UPI MDR शुल्क क्या हैं और इनकी गणना कैसे की जाती है?
क्या सभी UPI लेन-देन पर MDR लगता है?
नहीं, सभी लेन-देन पर MDR नहीं लगता। निम्नलिखित UPI भुगतान पूरी तरह MDR-मुक्त (0% शुल्क) हैं:
- दोस्तों या परिजनों को भेजे गए पैसे (P2P ट्रांसफर);
- ₹2,000 या उससे कम राशि के सभी मर्चेंट भुगतान;
- छोटे दुकानदार (P2PM QR कोड) जिनका मासिक टर्नओवर ₹1 लाख तक है;
- RuPay डेबिट कार्ड से किए गए सभी भुगतान।
कुल मिलाकर लगभग 96% पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
यूपीआई लेनदेन के नए नियम 2026 में क्या हैं?
वित्त मंत्रालय की 15 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति (PIB) द्वारा 15 अक्टूबर 2026 से घोषित मुख्य नियम:
- ₹2,000 से अधिक के P2M लेन-देन पर 0.4% MDR (अधिकतम ₹300 कैप);
- ₹2,000 तक के सभी लेन-देन पर 0% MDR (शून्य शुल्क);
- आवश्यक सेवाओं (पेट्रोल, दूरसंचार, रेलवे, बीमा, कृषि इनपुट) पर फ्लैट ₹5 शुल्क;
- छोटे QR व्यापारियों (मासिक ₹1 लाख तक) को पूर्ण छूट;
- ग्राहकों के लिए UPI पूरी तरह मुफ्त;
- छोटे व्यापारियों के बुनियादी ढांचे के लिए 5% विशेष सहायता कोष।