📅 प्रभावी: 15 अक्टूबर 2026

UPI MDR क्या है? हिंदी में सम्पूर्ण जानकारी

अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026

⚠️ अस्वीकरण: यह पेज केवल जानकारी के लिए है। यह वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं है। MDR दरें बदल सकती हैं — अपने बैंक से जांच करें।
संक्षिप्त उत्तर: MDR का मतलब है Merchant Discount Rate — यानी वह सेवा शुल्क जो दुकानदार अपने बैंक को देता है जब ग्राहक UPI या कार्ड से पेमेंट करता है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR (अधिकतम ₹300) लागू होगा। ग्राहकों के लिए UPI भुगतान 100% मुफ्त है।

MDR क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

MDR का पूरा नाम है Merchant Discount Rate। हिंदी में इसे "व्यापारी छूट दर" कह सकते हैं। जब कोई ग्राहक आपकी दुकान में UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करता है, तो आपका बैंक भुगतान की राशि में से एक छोटा सा हिस्सा काटकर आपके खाते में बाकी राशि जमा करता है। जो हिस्सा काटा जाता है, वही MDR है।

उदाहरण के लिए: यदि कोई ग्राहक आपको UPI से ₹5,000 देता है, तो 15 अक्टूबर 2026 के बाद आपके खाते में लगभग ₹4,976.40 ही आएगा:

  • MDR (0.4%): ₹20
  • MDR पर 18% GST: ₹3.60
  • कुल कटौती: ₹23.60
  • दुकानदार को मिलेगा: ₹4,976.40

MDR किसे देना होता है?

केवल दुकानदार (merchant) को MDR देना होता है — ग्राहक को नहीं। MDR आपके बैंक द्वारा स्वचालित रूप से आपके भुगतान में से काटा जाता है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय के नियमों के तहत दुकानदार इस शुल्क को ग्राहक से सरचार्ज के रूप में नहीं वसूल सकते।

UPI MDR दरें (15 अक्टूबर 2026 से लागू)

लेनदेन का प्रकारलागू MDR दरनियम व सीमा
₹2,000 तक का UPI भुगतानशून्य (₹0)सभी व्यापारियों के लिए पूरी तरह मुफ्त (Zero MDR)
₹2,000 से अधिक का UPI P2M (सामान्य व्यापारी)0.4%अधिकतम कैप ₹300 प्रति लेनदेन (+ 18% GST)
पेट्रोल पंप, किराने, बिजली-पानी, स्कूल फीस, स्वास्थ्य₹5 फ्लैट शुल्क₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर रियायती दर
पूंजी बाजार (शेयर, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज)0.02%अधिकतम कैप ₹300 प्रति लेनदेन
छोटे दुकानदार (QR से ₹1 लाख/माह तक)100% छूटP2PM श्रेणी के तहत पूर्णतः मुफ्त
UPI P2P (एक व्यक्ति से दूसरे को ट्रांसफर)हमेशा शून्यमित्रों और परिजनों के बीच ट्रांसफर मुफ्त
RuPay डेबिट कार्डहमेशा शून्यPSS Act धारा 10A के तहत सुरक्षित

क्या UPI पर कोई नया "टैक्स" लग रहा है?

नहीं। MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। MDR से मिली राशि सरकार के खजाने में नहीं जाती — यह बैंकों, NPCI और UPI ऐप कंपनियों को जाती है, जो डिजिटल भुगतान की सुविधा और सर्वर नेटवर्क को सुरक्षित बनाए रखती हैं। "UPI टैक्स" कहना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। केवल MDR सेवा शुल्क पर नियमानुसार 18% GST लगता है, जिसका इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) व्यापारी ले सकते हैं।

छोटे व्यापारियों के लिए सुरक्षा चक्र

सरकार ने छोटे व्यापारियों और किराना दुकानों के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए हैं:

  • ₹1 लाख मासिक छूट: जो व्यापारी QR कोड से प्रति माह ₹1 लाख तक प्राप्त करते हैं, वे पूरी तरह MDR मुक्त हैं।
  • ₹2,000 सीमा: ₹2,000 तक की हर खरीदारी पर 0% MDR है, जिससे देश के लगभग 96% पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन अप्रभावित रहेंगे।
  • 5% सहायता कोष: कुल MDR संग्रह का 5% हिस्सा छोटे व्यापारियों को मुफ्त साउंडबॉक्स, QR स्टैंड और तकनीक उपलब्ध कराने के लिए उपयोग होगा।

📑 आधिकारिक स्रोत और संदर्भ (Official Sources)

अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026. आधिकारिक अधिसूचनाओं पर आधारित स्वतंत्र मार्गदर्शिका।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

UPI MDR क्या है और यह कैसे काम करता है?
UPI MDR (Merchant Discount Rate) वह सेवा शुल्क है जो बैंक और पेमेंट कंपनियां UPI से भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी (दुकानदार) से लेती हैं। जब कोई ग्राहक QR कोड स्कैन करके ₹2,000 से अधिक का भुगतान करता है, तो एक्वायरिंग बैंक कुल राशि में से तय MDR (0.4%) और यदि बैंक GST लगाता है तो MDR पर 18% GST काटकर बाकी शुद्ध राशि दुकानदार के बैंक खाते में जमा करता है।
UPI में MDR शुल्क क्या है?
15 अक्टूबर 2026 से लागू नए नियमों के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के सामान्य UPI P2M (दुकानदार) भुगतान पर 0.4% MDR लागू होगा (अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन)। पेट्रोल, दूरसंचार, रेलवे, बीमा और कृषि इनपुट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ₹5 का फ्लैट शुल्क लगेगा, और पूंजी बाजार (शेयर/म्यूचुअल फंड) के लिए 0.02% MDR (अधिकतम ₹300) तय किया गया है।
MDR का मतलब क्या होता है?
MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate (व्यापारी छूट दर) होता है। यह वह प्रतिशत या शुल्क है जो डिजिटल भुगतान (जैसे UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड) प्रोसेस करने के बदले में बैंक, पेमेंट गेटवे और NPCI द्वारा मर्चेंट से लिया जाता है। यह कोई सरकारी टैक्स नहीं है, बल्कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा का संचालन खर्च है।
UPI में MDR कौन देता है — दुकानदार या ग्राहक?
UPI MDR केवल दुकानदार (Merchant) देता है, ग्राहक नहीं। ग्राहक के लिए UPI से भुगतान करना 100% मुफ्त रहता है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोई भी दुकानदार MDR का बोझ ग्राहक पर अतिरिक्त सरचार्ज या शुल्क के रूप में नहीं डाल सकता।
UPI MDR शुल्क क्या हैं और इनकी गणना कैसे की जाती है?
UPI MDR की गणना ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर 0.4% की दर से की जाती है। यदि आपका बैंक GST लगाता है, तो यह MDR राशि का 18% होता है, पूरे लेन-देन मूल्य का नहीं। उदाहरण: यदि ग्राहक ₹5,000 का UPI भुगतान करता है, तो 0.4% MDR = ₹20 होगा, और यदि 18% GST लगता है तो ₹3.60 अतिरिक्त कटेगा। कुल कटौती ₹23.60 होगी तथा दुकानदार को शुद्ध ₹4,976.40 प्राप्त होंगे।
क्या सभी UPI लेन-देन पर MDR लगता है?

नहीं, सभी लेन-देन पर MDR नहीं लगता। निम्नलिखित UPI भुगतान पूरी तरह MDR-मुक्त (0% शुल्क) हैं:

  1. दोस्तों या परिजनों को भेजे गए पैसे (P2P ट्रांसफर);
  2. ₹2,000 या उससे कम राशि के सभी मर्चेंट भुगतान;
  3. छोटे दुकानदार (P2PM QR कोड) जिनका मासिक टर्नओवर ₹1 लाख तक है;
  4. RuPay डेबिट कार्ड से किए गए सभी भुगतान।

कुल मिलाकर लगभग 96% पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।

यूपीआई लेनदेन के नए नियम 2026 में क्या हैं?

वित्त मंत्रालय की 15 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति (PIB) द्वारा 15 अक्टूबर 2026 से घोषित मुख्य नियम:

  1. ₹2,000 से अधिक के P2M लेन-देन पर 0.4% MDR (अधिकतम ₹300 कैप);
  2. ₹2,000 तक के सभी लेन-देन पर 0% MDR (शून्य शुल्क);
  3. आवश्यक सेवाओं (पेट्रोल, दूरसंचार, रेलवे, बीमा, कृषि इनपुट) पर फ्लैट ₹5 शुल्क;
  4. छोटे QR व्यापारियों (मासिक ₹1 लाख तक) को पूर्ण छूट;
  5. ग्राहकों के लिए UPI पूरी तरह मुफ्त;
  6. छोटे व्यापारियों के बुनियादी ढांचे के लिए 5% विशेष सहायता कोष।
क्या UPI पर टैक्स लगेगा?
नहीं, UPI लेन-देन पर सरकार द्वारा कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। MDR कोई टैक्स नहीं है, बल्कि डिजिटल भुगतान नेटवर्क का सेवा शुल्क है। UPI MDR पर GST की अनिवार्यता की पुष्टि नहीं है; अपने बैंक से जांच करें। यदि आपका बैंक GST लगाता है, तो यह MDR राशि का 18% होता है, लेन-देन मूल्य का नहीं। GST-पंजीकृत व्यापारी इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के रूप में क्लेम कर सकते हैं।
यूपीआई से 1 दिन में कितना लेनदेन कर सकते हैं?
NPCI के नियमों के अनुसार, सामान्य UPI व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेनदेन की दैनिक सीमा अधिकतम ₹1 लाख और 20 लेन-देन प्रति दिन है। पूंजी बाजार, बीमा, यात्रा और विदेशी आवक के लिए यह सीमा ₹2 लाख तक है। अस्पताल (स्वास्थ्य) और शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल/कॉलेज फीस) के लिए भुगतान सीमा ₹5 लाख प्रति लेनदेन है।
0.4% UPI MDR कब से लागू होगा?
0.4% UPI MDR आधिकारिक रूप से 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। यह नियम वित्त मंत्रालय द्वारा 15 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति (PIB) के तहत जारी किया गया है। 15 अक्टूबर 2026 से पहले सभी UPI भुगतान शून्य MDR व्यवस्था के तहत जारी रहेंगे।